भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड

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विद्युत खंड

विद्युत खण्‍ड

सदस्‍य (विद्युत) के पश्‍चात संगठनात्‍मक अनुक्रम में आगे मुख्‍य अभियन्‍ता आते हैं, जो अधीक्षण अभियन्‍ताओं / निदेशकों / वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियन्‍ताओं / उप-निदेशकों तथा सहायक अभियन्‍ताओं के सहयोग से सम्‍बन्धित कार्यालय के मुखिया हैं । विद्युत खण्‍ड में निम्‍नलिखित मुख्‍य अभियन्‍ता हैं, उनका मुख्‍य अधिकार क्षेत्र / उत्‍तरदायित्‍व नीचे दी गई सूची अनुसार वर्णित है :

  • इंजी. आभा सैनी

    इंजी. आभा सैनी मुख्‍य अभियन्‍ता (प्रणाली परिचालन)

    इंजी. आभा सैनी

    इंजी. आभा सैनी

    मुख्‍य अभियन्‍ता (प्रणाली परिचालन)

    इंजी. श्रीमती आभा सैनी ने पीएसपीसीएल द्वारा दिनांक 4.5.2016 को की गई मुख्य अभियन्‍ता के पद पर पदोन्नति उपरान्त दिनांक 5.5.2016 को बतौर मुख्य अभियन्‍ता/प्रणाली परिचालन, बीबीएमबी, चण्डीगढ़ के पद का कार्यभार ग्रहण किया है । इनका जन्‍म 14 जून, 1960 को हुआ और इन्‍होंने गुरू नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज, लुधि‍याना (पंजाब यूनिवर्सिटी विश्वविद्यालय, चण्डीगढ़) से बी.एस.ई. इंजीनियरिंग इलैक्ट्रीकल (Honours) की शि‍क्षा प्राप्त की। इसके बाद इन्होंने पंजाब राज्य विद्युत कॉरपोरेशन लिमिटिड (जोकि तब पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड था) में दिनांक 19.10.1983 को प्रशि‍क्षणार्थी अभि‍यन्ता के पद का कार्य भार ग्रहण किया तथा इसके बाद दिनांक 19.10.1984 को उप-सचिव/सेवा-1, पटियाला के कार्यालय में सहायक अभि‍यन्ता के पद का कार्यभार ग्रहण किया। दिनांक 8.1.1986 से बीबीएमबी में बतौर सहायक निदेशक/वाणिज्‍य के पद का कार्यभार ग्रहण किया तथा दिनांक 1.6.2004 से 22.9.2010 तक उप निदेशक/वाणि‍ज्य के पद पर कार्यरत रहे। वाणि‍ज्य सैल के कार्यकाल में इनके द्वारा बीबीएमबी में कॉमन पूल से सम्बन्धि‍त विभि‍न्न टैरिफ के मामले, बीबीएमबी में विभिन्‍न पावर पलांट की विद्युत का लेखा, रेगुलैटरी मामले (पीएसईआरसी तथा सीईआरसी), एनआरपीसी/ एनआरएलडीसी, सीईए, आदि से सम्बन्धि‍त मामले के साथ-साथ वाणि‍ज्य मामले भी सम्भाले गए। दिनांक 15.9.2010 को पीएसपीसीएल द्वारा की गई पदोन्नति उपरान्त इन्होनें थोडे समय के लिए निदेशक/परामर्शी, बीबीएमबी, चण्डीगढ़ के पद पर भी कार्य किया। इन्‍हें दिनांक 19.10.2010 को निदेशक/ पीएण्डडी(पीपी), बीबीएमबी, चण्डीगढ़ के पद पर तैनात कर दिया गया जहां इनके द्वारा भाखड़ा लैफ्ट बैंक पावर हाऊस के आर एम एण्ड यू, बीबीएमबी पावर पलांट एवं स्वीचयार्ड के यंत्रों की खरीद तथा पूरे बीबीएमबी (विद्युत खण्‍ड) संबंधित केबलस, बेटरिज यंत्रों की खरीद सम्बन्धी मामले डील किए गए। दिनांक 22.3.2013 को इन्‍हें निदेशक/पावर मॉनिटरिंग के पद पर तैनात कर दिया गया तथा निदेशक/पी एण्ड डी (पीपी) के पद का अतिरिक्‍त कार्यभार के साथ सभी विद्युत कार्य/करार व बीबीएमबी के पावर प्लाटंस की खरीद तथा आर एम एण्ड यू व सब स्टेशन के नियमित तकनीकी लेखापरीक्षा की व्‍यवस्‍था एवं इसकी अनुपालना की मॉनिटरिंग का कार्य दिया गया ।

    उपरोक्त कार्यकाल के दौरान M/s Sumitomo Corporation, जापान बतौर लीडर तथा M/s Hitachi, Ltd., जापान एवं M/s Andritz Hydro GmbH, Austria की संघ सदस्य (Consortium Members) से भाखड़ा बायां किनारा की तीन यूनिट को दिनांक 18.2.2013, 2.10.2013 तथा 5.8.2013 को 108 MW से 126 MW तक Consortium द्वारा बढ़ाया गया है।

    दिनांक 1.2.2012 से 14.9.2012 तक इनके पास निदेशक/विद्युत विनियम, बीबीएमबी का अतिरिक्त कार्यभार था और इन्‍होंने यूएलडीसी फेज-।। कार्य, विद्युत विनियम तथा वाणिज्‍य से संबंधित burning issues को निपटाने में पूरा सहयोग दिया।

     

    उपलब्धि‍यॉं :-

    i)                    वर्ष 2000 में अध्यक्ष द्वारा इनको अत्युत्तम कार्य के लिए गोल्ड मेडल से पुरस्कृत किया गया था।

    ii)                  ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा कक्षा IV से VI तक राज्यों/यूटी के स्कूली बच्चों के लिए ‘ऊर्जा संरक्षण’ पर चित्रकला प्रतियोगिता (Painting Competition) का आयोजन किया गया था, जिसमें इनकों पंजाब, हरियाणा तथा यू.टी., चण्डीगढ़ की तरफ से “नोडल अधि‍कारी” नामित किया गया था तथा दिसम्‍बर, 2011 में माननीय प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी द्वारा इनकों ‘राज्य स्तर के सबसे अच्छे नोडल अधि‍कारी’ के लिए पुरस्कृत किया गया, क्योंकि इस वर्ष भागीदार छात्र-छात्रों का सबसे ज्यादा प्रतिशत था । उक्त पुरस्कार मिलने पर अध्यक्ष, बीबीएमबी, चण्डीगढ़ द्वारा भी इनको प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया ।

    iii)                इन्होंने भारत में विद्युत विषयों पर बहुत से अन्तराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय सम्मेलन तथा सेमिनारों में भाग लिया है एवं Habitat Centre पर दिनांक 8 मार्च, 2014 को दिल्ली में 23rd Advanced Maintenance Programme on “Sustainment of Plant Assets” पर आयोजित सेमिनार में “Residual Life Assessment (RLA) and Renovation, Modernization & Uprating (RM&U) of Bhakra Left Bank Power House” पर बतौर स्पीकर भाग लिया जिसे बहुत ही सराहा गया।

    iv)                निम्न‍िलिखि‍त शोध पत्र इनके नाम हैं:-

    “Water & Energy” पर CBIP मैगजीन के जून, 2013 अंक में इनका “Residual Life Assessment and RM&U” शीर्षक का पेपर प्रकाशि‍त किया गया ।

     

                            सामाजिक कार्यक्रमों में भी इनकी दिलचस्पी है, इसलिए महिला कर्मचारियों के कल्याण हेतु बीबीएमबी सचिवालय में इनको “Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 की सैक्सन 4(2) अधीन कमेटी की अध्यक्ष बनाया गया था, जोकि महिला कर्मचारियों की शि‍कायतों से सम्बन्धि‍त मामले भी डील करती रही है।

                           यह “Badminton तथा Table Tennis” की बहुत अच्छी खि‍लाड़ी हैं ।

                            वह बतौर मुख्य अभि‍यन्ता/प्रणाली परिचालन, बीबीएमबी प्रणाली परिचालन कार्यालय के कार्यों के आलावा विद्युत विनियम निदेशालय एवं योजना एवं डिजाइन (पावर प्लांट) निदेशालयों से जुड़े सभी कार्य भी देख रही है।

  • इंजी. अवधेश कुमार

    इंजी. अवधेश कुमार मुख्‍य अभियन्‍ता (पारेषण प्रणाली)

    इंजी. अवधेश कुमार

    इंजी. अवधेश कुमार

    मुख्‍य अभियन्‍ता (पारेषण प्रणाली)
    शैक्षिणक योग्‍यता बीई (ईलैक्‍ट्रीकल)
    संस्‍था पंजाब इंजिनियरिंग कॉलेज ( पीईसी)चण्‍डीगढ़

    अनुभव बतौर

    a) मुख्‍य अभियंता (टीएस ) 2014 से अब तक
    b) अधीक्षण अभियंता 2009 - 2014
    c) कार्यकारी अभियंता 22005- 2009
    d) सहायक कार्यकारी अभि‍यंता (एई/एईई ) : 1987 - 2005
    संचालित कार्य:

    मुख्‍य अभियंता (टीएस):

    • भाखड़ा ब्‍यास प्रबंधन बोर्ड चण्‍डीगढ़ में बतौर मुख्‍य अभियंता/पारेषण प्रणाली के पद पर कार्यरत ।
    • इस अवधि के दौरान अद्योहस्‍ताक्षरी को पारेषण प्रणाली से जुड़े कार्य को भाखड़ा ब्‍यास प्रबंधन बोर्ड( बीबीएमबी ) के साथ अनुरक्षित करने का दायित्‍व मिला ।
    • 400 केवी के 2 उपकेन्‍द्रों तथा 220 केवी के 13 उपकेन्‍द्रों की 2530 किलोमीटर की पारेषण लाईनों को अनुरक्षित किया । अद्योहस्‍ताक्षरी के विशेष प्रयासों तथा सहमति से पारेषण प्रणाली की ट्रिपिंग में कमी आई है, जिससे विद्युत उपलब्‍धता में वृद्धि हुई है तथा जिसके परिणामस्‍वरूप राष्‍ट्र की अच्‍छी आर्थिक विकास होगा ।

    अधीक्षण अभियंता (एसई):

    अद्योहस्‍ताक्षरी ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड पंचकुला ( एचवीपीएनएल ) में बतौर अधीक्षण अभियंता /योजना के पद पर कार्य किया ।

    • सहायक लाईनों ( प्रणाली/एचवीपीएनएल नेटवर्क के भार प्रवाह अध्‍ययन ) सहित 400/220 केवी उपकेन्‍द्रों की योजना ।
    • वित्‍त वर्ष 2013-14 में 2016-17 के एचवीपीएनएल की मल्‍टी ईयर टैरिफ (एमवाईटी) योजना की तैयारी ।
    • विभिन्‍न वित्तिय संस्‍थानों ( आरईसी, एनसीआरपीबी, नाबार्ड पीएफसी ) इत्‍यादि ।
    • उत्‍तरी क्षेत्र की स्‍थायी समिति के साथ पारस्‍परिक क्रिया । ङ) पीपीपी विधि ( पब्‍लिक प्राईवेट पार्टनरशिप प्रोजेक्‍ट ) भारत में इस तरह का पहला के अधीन 400 केवी के 2 संख्‍या उपकेन्‍द्र तथा 100 कि‍लोमीटर पारेषण लाईनों महात्‍मा गांधी थर्मल पॉवर स्‍टेशन, झज्‍जर से बिजली का निकास नामक परियोजना से जुड़े कार्यों का निष्‍पादन किया ।

    अद्योहस्‍ताक्षरी ने बतौर अधीक्षण अभियंता /पारेषण प्रणाली, एचवीपीएनएल करनाल में काम किया ।

    • जिलों ( पानीपत, सोनीपत, करनाल, कैथल, तथा कुरूक्षेत्र ) जिसमें 220/132 केवी के 66 उपकेन्‍द्र कार्यक्षेत्र में रहे थे ।
    • उपकेन्‍द्रों के परिचालन एवं अनुरक्षण तथा नए उपकेन्‍द्रों तथा लाईनों के निर्माण कार्य ध्‍यानपुर्वक करवाया ।
    • पानीपत थर्मल पॉवर स्‍टेशन ( पीटीपीएस) पानीपत 400 केवी उपकेन्‍द्र भाखड़ा ब्‍यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) सिवाह तथा 220 केवी उपकेन्‍द्र भाखड़ा ब्‍यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) कुरूक्षेत्र से निकट संबंध रहे हैं ।
    • इस अवधि के दौरान अद्योहस्‍ताक्षरी 400 केवी उपकेन्‍द्र पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीसीसीआईएल) जाजी सोनीपत को चालू करने के काम से जुडे हुए थे ।

    वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियंता (एक्‍सीएन):

    अद्योहस्‍ताक्षरी बतौर कार्यकारी अभियंता, एम एण्‍ड पी/सीसी ( मीटरिंग एण्‍ड प्रोटेक्‍सन /कैरियर क्‍मयुनिकेशन ) एचवीपीएनएल पानीपत में तैनात थे ।

    • 70 न. 220केवी तथा 132 केवी उपकेन्‍द्र 220/132 केवी लाईनों से जुड़े के परीक्षण हेतु ।
    • अद्योहस्‍ताक्षरी 400 केवी उपकेन्‍द्र, भाखड़ा ब्‍यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) सिवाह ताकि‍ पानीपत थर्मल पॉवर सटेशन (पीटीपीएस), पानीपत से रिले को आर्डिनेशन हेतु जुड़े ।
    • उपर्युक्‍त के अतिरिक्‍त अद्योहस्‍ताक्षरी कार्यक्षेत्र के अधीन सभी उपकेन्‍द्रों के संवाहक संचार प्रणाली से जुड़े रहे ।

    सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई):

    अद्योहस्‍ताक्षरी बतौर वरिष्‍ठ उपकेन्‍द्र अभियंता (एसएसई ), एचवीपीएनएल ( हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड ) पानीपत में तैनात रहे ।

    • 5 न. 132 केवी उपकेन्‍द्र तथा सहायक पारेषण लाईनों 220/132 केवी ( 250 किलोमीटर)
    • इस अव‍धि के दौरान अद्योहस्‍ताक्षरी 400 केवी उपकेन्‍द्र बीबीएमबी सिवाह, पानीपत जैसा कि अधिकतर क्षेत्र 400 केवी उपकेन्‍द्र भाखड़ा ब्‍यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) सिवाह पानीपत, द्वारा पोषण किया जा रहा था, से निकटता से जुड़ा हुआ था ।
    • पानीपत थर्मल पॉवर स्‍टेशन (पीटीपीएस) पानीपत से बिजली निकाय हेतु बनाई संकटकालीन 220 केवी तथा पारेषण लाईनों के अनुरक्षण हेतु अद्योहस्‍ताक्षरी पीटीपीएस पानीपत से सघनता से जुड़े थे ।

    अद्योहस्‍ताक्षरी स्‍टेट लोड डिस्‍पेच सैन्‍टर (एसएलडीसी) पानीपत में बतौर सहायक विद्युत नियंत्रक (एपीसी) में भी तैनात थे ।

    बतौर सहायक अभियंता व्‍यावसायिक भविष्‍य के प्रारम्भिक काल के दौरान :-

    • अद्योहस्‍ताक्षरी को पानीपत थर्मल पावर स्‍टेशन (पीटीपीएस) पानीपत में बतौर शिफट इंजिनियर विशेष रूप से ऑपरेशन हेतु कार्य करने कार्य का अवसर मिला ।
    • सहायक उत्‍पादक उपकेन्‍द्रों का अनुरक्षण किया ।
    • अद्योहस्‍ताक्षरी ने प्रतिष्ठित इंजिनियरिंग कॉलेज ( पंजाब इंजिनियरिंग कॉलेज) चण्‍डीगढ़ ) से स्‍नातक उपाधि के उपरांत 1986 में हरियाण राज्‍य बिजली बोर्ड में बतौर ग्रेजुएट इंजिनियर ट्रेनी के रूप कार्यभर ग्रहण किया ।
  • इंजी. अक्षय मोदगिल

    इंजी. अक्षय मोदगिल मुख्‍य अभियन्‍ता (उत्‍पादन)

    इंजी. अक्षय मोदगिल

    इंजी. अक्षय मोदगिल

    मुख्‍य अभियन्‍ता (उत्‍पादन)
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