भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड

भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड
सर्च

विद्युत खंड

विद्युत खण्‍ड

सदस्‍य (विद्युत) के पश्‍चात संगठनात्‍मक अनुक्रम में आगे मुख्‍य अभियन्‍ता आते हैं, जो अधीक्षण अभियन्‍ताओं / निदेशकों / वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियन्‍ताओं / उप-निदेशकों तथा सहायक अभियन्‍ताओं के सहयोग से सम्‍बन्धित कार्यालय के मुखिया हैं । विद्युत खण्‍ड में निम्‍नलिखित मुख्‍य अभियन्‍ता हैं, उनका मुख्‍य अधिकार क्षेत्र / उत्‍तरदायित्‍व नीचे दी गई सूची अनुसार वर्णित है :

  • बिक्रमजीत सिंह सभ्रवाल

    बिक्रमजीत सिंह सभ्रवाल मुख्‍य अभियन्‍ता (उत्‍पादन)

    बिक्रमजीत सिंह सभ्रवाल

    बिक्रमजीत सिंह सभ्रवाल

    मुख्‍य अभियन्‍ता (उत्‍पादन)

    ई0 बिक्रमजीत सिंह सभरवाल ने मुख्‍य अभियंता की पदोन्‍नति होने पर मुख्‍य अभियंता /उत्‍पादन, बीबीएमबी (वि.सं.), नंगल का पद कार्यभार दिनांक 4.2.2020 को ग्रहण किया । इससे पूर्व इन्‍होंने बोर्ड सचिवालय, बीबीएमबी, चंडीगढ़ में निदेशक/सुरक्षा, परामर्शी एवं सुरक्षा के पदों के कार्यों का निर्वहन किया है।

      शैक्षणिक

                       वर्ष 1986 में बीई/मकैनिकल (वर्ष 1987 बैच से पीएसपीसीएल में कार्यरत) इनके पास विद्युत एवं सिंचाई क्षेत्र का दीर्घकालीन अनुभव है । बीबीएमबी के सचिवालय में (मानव संसाधन विकास) क्षेत्रीय अभिकल्‍प कार्यालयों, पीएसपीसीएल एवं पंजाब सिंचाई विभाग के वितरण विंग में सेवाएं प्रदान की है।

                        बीबीएमबी (परामर्शी) हेतु संयुक्‍त राष्‍ट्र फ्रेमवर्क कैन्‍वैन्‍शन के अंतर्गत जलवायु परिवर्तन पर स्‍वच्‍छ विकास प्रबंधन (सीडीएम) का कार्य किया एवं सीडीएम से संबंधित कार्यों के लिए संसाधन व्‍यक्तित्‍व रहे ।

                       पिछले 12 वर्षों के लिए बीबीएमबी में श्रेणी 3 व श्रेणी 4 कर्मचारियों के सभी कर्मचारियों की भर्ती के सौंपे गये कार्य का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया ।

      पुरस्‍कार

                           कारपोरेट ग्रीनटैक एचआर उत्कृष्‍टता पुरस्‍कार संबंधी विस्‍तृत नामिनेशन के कागजात न केवल जमा करवाने एवं उन पर विस्‍तार से चर्चा हेतु बीबीएमबी का प्रतिनिधित्‍व किया । परिणामस्‍वरूप बीबीएमबी को कारपोरेट ग्रीनटैक सीएसआर पुरस्‍कार-2011 के लिए प्रशिक्षण उत्‍कृष्‍टता एवं सर्वश्रेष्‍ठ रणनीति श्रेणी में गोल्‍ड शील्‍ड प्रदान की गयी । 12वें वार्षिक ग्‍लोबल पर्यावरण ग्रीनटैक पुरस्‍कार अक्‍तूबर-2011 में उत्‍पादन (जल विद्युत) हेतु चौथे भारतीय वार्षिक पावर अवार्ड श्रेणी, पावर सैक्‍टर में गोल्‍ड शील्‍ड प्रदान की गयी ।
  • इंजी. सुखविंदर सिंह भमरा

    इंजी. सुखविंदर सिंह भमरा मुख्‍य अभियन्‍ता (प्रणाली परिचालन)

    इंजी. सुखविंदर सिंह भमरा

    इंजी. सुखविंदर सिंह भमरा

    मुख्‍य अभियन्‍ता (प्रणाली परिचालन)

                             

                    इंजी. सुखविंदर सिंह भमरा ने दिनांक 29.05.2019 को मुख्य अभियंता/प्रणाली परिचालन, बीबीएमबी, चण्डीगढ़ का कार्यभार ग्रहण किया । दिसम्बर, 1985 में इन्होंने अपने पैतृक संगठन पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटिड, पटियाला में कार्यभार ग्रहण किया । वर्ष 1984 में इन्होंने आर.ई.सी. (REC) जो वर्तमान में एनआईटी (NIT) कुरूक्षेत्र है, से बी.एस.ई. इंजीनियरिंग इलैक्ट्रोनिक तथा कम्यूनिकेशन ऑनर्स के साथ डिग्री प्राप्त की ।

                 उनको पीएसपीसीएल में विभिन्‍न पदों पर 33½ वर्षों का कुशल अनुभव है, जिसमें से 29 वर्षों का उत्पादन क्षेत्र में तथा 4½ वर्षों का वाणिज्‍यिक (कमर्श‍ियल) संगठन में योजना विभाग के अंतर्गत पर्याप्त अनुभव है ।

                       अनुभवों का विस्तृत विवरण निम्नानुसार है :-

    1. पीएसपीसीएल (जो पहले पीएसईबी था) में तैनाती के बाद पहला असाइनमैंट (कार्य) पैटस, नेवोली में थर्मल पावर प्लांट के संचालन व संभाल का 6 महीने का प्रशिक्षण का रहा  । प्रशिक्षण के बाद, जुलाई 1986 में गुरू गोविन्द सिंह सुपर थर्मल प्लांट, रोपड़ में,  जी.एच.टी.पी, लहरा मोहब्बत में 3 महीने की संक्ष‍िप्त तैनाती को छोड़कर,  विभिन्‍न पदों पर जैसे : सहायक अभियंता /सहायक कार्यकारी अभियंता तथा वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता के रूप में फरवरी, 2014 तक सेवा प्रदान की ।
    2. फरवरी, 2014 में अधीक्षण अभियंता की पदोन्नति उपरान्त पी.एस.पी.सी.एल. के योजना विभाग में 4½ वर्षों तक औद्योगिक भार के लिए तकनीकी व्यवहार्यता मंजूरी के अलावा समूचे पंजाब के मौजूदा 66 के.वी. ट्रांसमिशन नेटवर्क व सब-स्टेशन प्रणाली को बढ़ाने/मजबूत करने का कार्य सफलतापूर्वक किया ।  
    3. पंजाब ब्यूरो ऑफ इंवेस्टमैंट प्रमोशन, चण्डीगढ़ में विभागाध्यक्ष/पीएसपीसीएल के रूप में भी 8 महीने तक काम किया, जिसमें पंजाब के न्यू इंडस्ट्रि‍यल इन्वेस्टर के सभी बि‍जली कनेक्शन संवहन संबंधी काम संभाले ।

    उपलब्धियॉं :-

    • जीजीएसएसटीपी की यूनिट 5 और 6 के पुराने और अप्रचलित डीसीएस (DCS) प्रणाली का आर एण्ड एम स्टेट ऑफ द आर्ट, सकाड़ा आधारित एमर्सन के आवेशन सिस्टम को अपनी निगरानी में चालू करवाया ।
    • मै॰ के. डब्ल्यू. एस (KWS), एसेन, जर्मनी में थर्मल विद्युत गृहों के संचालन व संभाल  पीएसपीसीएल के वरिष्ठ अभियंताअें के लिए उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम पर 2 महीने के पाठ्यक्रम में भाग लिया है ।
    • मै॰  एमर्सन के पिट्सबर्ग, यू.एस.ए (U.S.A) में आयोजित हुए ओवेशन कंट्रोल सिस्टम पर की संभाल के विषय पर दो सप्ताह का प्रशिक्षण लिया |
    • नियंत्रण अव. उपकरण प्रणालियों की देख रेख का 22 साल का तजुरबा है ।

     

     

     

     

                    

  • इंजी. राजेश गुप्‍ता

    इंजी. राजेश गुप्‍ता मुख्‍य अभियन्‍ता (पारेषण प्रणाली)

    इंजी. राजेश गुप्‍ता

    इंजी. राजेश गुप्‍ता

    मुख्‍य अभियन्‍ता (पारेषण प्रणाली)

    इंजी. राजेश गुप्ता ने एचवीपीएनएल, पंचकुला से दिनांक 02.04.2018 को मुख्य अभियंता/ पारेषण प्रणाली, बीबीएमबी, चंडीगढ़ का पदभार ग्रहण किया । उनका जन्म 17.02.1963 को हुआ । उन्होने रुड़की विश्वविद्यालय, ऊ.प्र (अब आईआईटी रुड़की) से वर्ष 1985 में यांत्रिक इंजीनीयरिंग में बी.ई (आनर्स) की उपाधि प्राप्त की ।

         उन्होने पीईटीएस, नागपुर में 26 सप्ताह के प्रशिक्षण उपरांत पानीपत थर्मल पावर प्लांट में सहायक अभियंता के रूप में कार्य किया । हरियाणा की पारेषण उपयोगिता एचवीपीएनएलमें उन्होने अंबाला और भिवानी जिलों में विभिन्न उपकेन्द्रों पर उपकेंद्र अभियंता के रूप में काम किया ।

         उन्होने धूलकोट स्थित स्विच गियर तथा डिस्पोज़ल डिविजन में बतौर कार्यकारी अभियंता काम किया तथा स्विच गियर मुरम्मत कार्यशाला, धूलकोट में विभिन्न विद्युत उपकरणों के रख-रखाव तथा एचवीपीएनएल की अनुपयोगी सामग्री तथा कबाड़ी के निपटान का कार्य देखा । वे एचवीपीएनएल में अनुपयोगी सामग्री तथा कबाड़ी के निपटान हेतु ई-नीलामी आरंभ करने में सहायक हुए ।

         उन्होने गुड़गाँव, रिवाड़ी तथा महेंद्रगढ़ जिलों से गठित पारेषण प्रणाली सर्कल, गुड़गाँव में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्य किया । अधीक्षण अभियंता/ पारेषण प्रणाली, गुड़गाँव के पद पर उन्होने लगभग 58 उपकेन्द्रों तथा 2000 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाईनों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य देखा । इनमें 2 संख्या 400 केवी उपकेंद्र तथा उनकी सहायक पारेषण लाईनें सम्मिलित थीं। इस अवधि में उन्होने दौलताबाद (गुड़गाँव), धनोन्दा (महेंद्रगढ़) में 2 संख्या 400 केवी उपकेन्द्रों के अधोपांत (टर्नकी) निर्माण एवं चालू करने तथा 12 संख्या 66 केवी/ 132 केवी तथा 220 केवी उपकेंद्र तथा उनकी सहायक लाईनों के निर्माण कार्य का पर्यवेक्षण किया ।

         उन्होने 02.09.2015 को मुख्य अभियंता/ प्रणाली परिचालन, एचवीपीएनएल का पदभार संभाला तथा बतौर एसएलडीसी हरियाणा प्रभारी वार्षिक टैरिफ याचिका दायर करने सहित एचवीपीएनएल के सभी विनियामक मुद्दों तथा ग्रिड प्रबंधन तथा विभिन्न ओपन एक्सेस्स मुद्दों का कार्य देखा । उन्हें गैस इंसुलेटिड सब-स्टेशन (जीआईएस) के परिचालन एवं अनुरक्षण का अनुभव भी है तथा वर्ष 2013 के दौरान वे एआरईवीए (अब जीई) तथा एबीबी की निर्माण सुविधाओं पर फ्रांस और स्विट्ज़रलैंड गए। उन्हे जुलाई, 2016 में एनआरपीसी द्वारा स्पेन और जर्मन में आयोजित “कपैसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम ऑन इंटिग्रेशन ऑफ रिनयूवेबल्स इन दी ग्रिड” नामक कार्यक्रम में भी भाग लिया ।

    उपलब्धियां:

    1. 400 केवी पारेषण लाईनें जिसमें 400 केवी ट्विन-मूज तथा क्वाड-मूज लाईनें सम्मिलित थीं, के निर्माण कार्य का पर्यवेक्षण किया । गुड़गाँव शहर में मार्ग के अधिकार का गंभीर मुद्दा होने की वजह से 400 केवी उपकेंद्र दौलताबाद से 400 केवी उपकेंद्र सैक्टर 72, पीजीसीआईएल, गुड़गाँव तक क्वाड-मूज लाईन निर्माण कार्य एक चुनौती थी ।
    2. एनएच-8 को पार करने की चुनौती, 400 केवी बहुसर्किट टावर्स का प्रयोग करते हुए दिल्ली ट्रांसको लिमिटिड (डीटीएल) की मौजूदा 400 केवी क्वाड बर्सिमिस, बल्लबगढ़- बामनौली की लाईन के साथ रास्ते का अधिकार सांझा करते हुए हल की गई थी ।
Back to Top