भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड

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विद्युत खंड

विद्युत खण्‍ड

सदस्‍य (विद्युत) के पश्‍चात संगठनात्‍मक अनुक्रम में आगे मुख्‍य अभियन्‍ता आते हैं, जो अधीक्षण अभियन्‍ताओं / निदेशकों / वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियन्‍ताओं / उप-निदेशकों तथा सहायक अभियन्‍ताओं के सहयोग से सम्‍बन्धित कार्यालय के मुखिया हैं । विद्युत खण्‍ड में निम्‍नलिखित मुख्‍य अभियन्‍ता हैं, उनका मुख्‍य अधिकार क्षेत्र / उत्‍तरदायित्‍व नीचे दी गई सूची अनुसार वर्णित है :

  • इंजी. सुखविंदर सिंह भमरा

    इंजी. सुखविंदर सिंह भमरा मुख्‍य अभियन्‍ता (प्रणाली परिचालन)

    इंजी. सुखविंदर सिंह भमरा

    इंजी. सुखविंदर सिंह भमरा

    मुख्‍य अभियन्‍ता (प्रणाली परिचालन)

                             

                    इंजी. सुखविंदर सिंह भमरा ने दिनांक 29.05.2019 को मुख्य अभियंता/प्रणाली परिचालन, बीबीएमबी, चण्डीगढ़ का कार्यभार ग्रहण किया । दिसम्बर, 1985 में इन्होंने अपने पैतृक संगठन पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटिड, पटियाला में कार्यभार ग्रहण किया । वर्ष 1984 में इन्होंने आर.ई.सी. (REC) जो वर्तमान में एनआईटी (NIT) कुरूक्षेत्र है, से बी.एस.ई. इंजीनियरिंग इलैक्ट्रोनिक तथा कम्यूनिकेशन ऑनर्स के साथ डिग्री प्राप्त की ।

                 उनको पीएसपीसीएल में विभिन्‍न पदों पर 33½ वर्षों का कुशल अनुभव है, जिसमें से 29 वर्षों का उत्पादन क्षेत्र में तथा 4½ वर्षों का वाणिज्‍यिक (कमर्श‍ियल) संगठन में योजना विभाग के अंतर्गत पर्याप्त अनुभव है ।

                       अनुभवों का विस्तृत विवरण निम्नानुसार है :-

    1. पीएसपीसीएल (जो पहले पीएसईबी था) में तैनाती के बाद पहला असाइनमैंट (कार्य) पैटस, नेवोली में थर्मल पावर प्लांट के संचालन व संभाल का 6 महीने का प्रशिक्षण का रहा  । प्रशिक्षण के बाद, जुलाई 1986 में गुरू गोविन्द सिंह सुपर थर्मल प्लांट, रोपड़ में,  जी.एच.टी.पी, लहरा मोहब्बत में 3 महीने की संक्ष‍िप्त तैनाती को छोड़कर,  विभिन्‍न पदों पर जैसे : सहायक अभियंता /सहायक कार्यकारी अभियंता तथा वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता के रूप में फरवरी, 2014 तक सेवा प्रदान की ।
    2. फरवरी, 2014 में अधीक्षण अभियंता की पदोन्नति उपरान्त पी.एस.पी.सी.एल. के योजना विभाग में 4½ वर्षों तक औद्योगिक भार के लिए तकनीकी व्यवहार्यता मंजूरी के अलावा समूचे पंजाब के मौजूदा 66 के.वी. ट्रांसमिशन नेटवर्क व सब-स्टेशन प्रणाली को बढ़ाने/मजबूत करने का कार्य सफलतापूर्वक किया ।  
    3. पंजाब ब्यूरो ऑफ इंवेस्टमैंट प्रमोशन, चण्डीगढ़ में विभागाध्यक्ष/पीएसपीसीएल के रूप में भी 8 महीने तक काम किया, जिसमें पंजाब के न्यू इंडस्ट्रि‍यल इन्वेस्टर के सभी बि‍जली कनेक्शन संवहन संबंधी काम संभाले ।

    उपलब्धियॉं :-

    • जीजीएसएसटीपी की यूनिट 5 और 6 के पुराने और अप्रचलित डीसीएस (DCS) प्रणाली का आर एण्ड एम स्टेट ऑफ द आर्ट, सकाड़ा आधारित एमर्सन के आवेशन सिस्टम को अपनी निगरानी में चालू करवाया ।
    • मै॰ के. डब्ल्यू. एस (KWS), एसेन, जर्मनी में थर्मल विद्युत गृहों के संचालन व संभाल  पीएसपीसीएल के वरिष्ठ अभियंताअें के लिए उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम पर 2 महीने के पाठ्यक्रम में भाग लिया है ।
    • मै॰  एमर्सन के पिट्सबर्ग, यू.एस.ए (U.S.A) में आयोजित हुए ओवेशन कंट्रोल सिस्टम पर की संभाल के विषय पर दो सप्ताह का प्रशिक्षण लिया |
    • नियंत्रण अव. उपकरण प्रणालियों की देख रेख का 22 साल का तजुरबा है ।

     

     

     

     

                    

  • इंजी. राजेश गुप्‍ता

    इंजी. राजेश गुप्‍ता मुख्‍य अभियन्‍ता (पारेषण प्रणाली)

    इंजी. राजेश गुप्‍ता

    इंजी. राजेश गुप्‍ता

    मुख्‍य अभियन्‍ता (पारेषण प्रणाली)

    इंजी. राजेश गुप्ता ने एचवीपीएनएल, पंचकुला से दिनांक 02.04.2018 को मुख्य अभियंता/ पारेषण प्रणाली, बीबीएमबी, चंडीगढ़ का पदभार ग्रहण किया । उनका जन्म 17.02.1963 को हुआ । उन्होने रुड़की विश्वविद्यालय, ऊ.प्र (अब आईआईटी रुड़की) से वर्ष 1985 में यांत्रिक इंजीनीयरिंग में बी.ई (आनर्स) की उपाधि प्राप्त की ।

         उन्होने पीईटीएस, नागपुर में 26 सप्ताह के प्रशिक्षण उपरांत पानीपत थर्मल पावर प्लांट में सहायक अभियंता के रूप में कार्य किया । हरियाणा की पारेषण उपयोगिता एचवीपीएनएलमें उन्होने अंबाला और भिवानी जिलों में विभिन्न उपकेन्द्रों पर उपकेंद्र अभियंता के रूप में काम किया ।

         उन्होने धूलकोट स्थित स्विच गियर तथा डिस्पोज़ल डिविजन में बतौर कार्यकारी अभियंता काम किया तथा स्विच गियर मुरम्मत कार्यशाला, धूलकोट में विभिन्न विद्युत उपकरणों के रख-रखाव तथा एचवीपीएनएल की अनुपयोगी सामग्री तथा कबाड़ी के निपटान का कार्य देखा । वे एचवीपीएनएल में अनुपयोगी सामग्री तथा कबाड़ी के निपटान हेतु ई-नीलामी आरंभ करने में सहायक हुए ।

         उन्होने गुड़गाँव, रिवाड़ी तथा महेंद्रगढ़ जिलों से गठित पारेषण प्रणाली सर्कल, गुड़गाँव में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्य किया । अधीक्षण अभियंता/ पारेषण प्रणाली, गुड़गाँव के पद पर उन्होने लगभग 58 उपकेन्द्रों तथा 2000 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाईनों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य देखा । इनमें 2 संख्या 400 केवी उपकेंद्र तथा उनकी सहायक पारेषण लाईनें सम्मिलित थीं। इस अवधि में उन्होने दौलताबाद (गुड़गाँव), धनोन्दा (महेंद्रगढ़) में 2 संख्या 400 केवी उपकेन्द्रों के अधोपांत (टर्नकी) निर्माण एवं चालू करने तथा 12 संख्या 66 केवी/ 132 केवी तथा 220 केवी उपकेंद्र तथा उनकी सहायक लाईनों के निर्माण कार्य का पर्यवेक्षण किया ।

         उन्होने 02.09.2015 को मुख्य अभियंता/ प्रणाली परिचालन, एचवीपीएनएल का पदभार संभाला तथा बतौर एसएलडीसी हरियाणा प्रभारी वार्षिक टैरिफ याचिका दायर करने सहित एचवीपीएनएल के सभी विनियामक मुद्दों तथा ग्रिड प्रबंधन तथा विभिन्न ओपन एक्सेस्स मुद्दों का कार्य देखा । उन्हें गैस इंसुलेटिड सब-स्टेशन (जीआईएस) के परिचालन एवं अनुरक्षण का अनुभव भी है तथा वर्ष 2013 के दौरान वे एआरईवीए (अब जीई) तथा एबीबी की निर्माण सुविधाओं पर फ्रांस और स्विट्ज़रलैंड गए। उन्हे जुलाई, 2016 में एनआरपीसी द्वारा स्पेन और जर्मन में आयोजित “कपैसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम ऑन इंटिग्रेशन ऑफ रिनयूवेबल्स इन दी ग्रिड” नामक कार्यक्रम में भी भाग लिया ।

    उपलब्धियां:

    1. 400 केवी पारेषण लाईनें जिसमें 400 केवी ट्विन-मूज तथा क्वाड-मूज लाईनें सम्मिलित थीं, के निर्माण कार्य का पर्यवेक्षण किया । गुड़गाँव शहर में मार्ग के अधिकार का गंभीर मुद्दा होने की वजह से 400 केवी उपकेंद्र दौलताबाद से 400 केवी उपकेंद्र सैक्टर 72, पीजीसीआईएल, गुड़गाँव तक क्वाड-मूज लाईन निर्माण कार्य एक चुनौती थी ।
    2. एनएच-8 को पार करने की चुनौती, 400 केवी बहुसर्किट टावर्स का प्रयोग करते हुए दिल्ली ट्रांसको लिमिटिड (डीटीएल) की मौजूदा 400 केवी क्वाड बर्सिमिस, बल्लबगढ़- बामनौली की लाईन के साथ रास्ते का अधिकार सांझा करते हुए हल की गई थी ।
  • इंजी. बलबीर सिंह

    इंजी. बलबीर सिंह मुख्‍य अभियन्‍ता (उत्‍पादन)

    इंजी. बलबीर सिंह

    इंजी. बलबीर सिंह

    मुख्‍य अभियन्‍ता (उत्‍पादन)

       ई. बलबीर सिंह, मुख्य अभियंता/उत्पादन

    • इनका जन्म 15.1.1962 को हुआ । वर्ष 1984 में इन्होंने गुरुनानक इंजीनियरिंग कॉलेज गिल पार्क, लुधियाना (पंजाब विश्वविद्यालय,चंडीगढ़) से बीएसएसी इंजीनियरिंग (इलैक्ट्रीकल) उत्तीर्ण की ।
    • दिनांक 20.11.1985 को प्रशिक्षु अभियंता (इलैक्ट्रीकल) के पद पर पीएसईबी (अब पीएसपीसीएल) में कार्यभार ग्रहण किया ।
    • प्रशिक्षण के पश्चात् जुलाई 1986 को इन्हें मुकेरियां हाईडल प्रोजैक्ट में नियुक्त किया जहां विद्युत गृह सं. 2, 3 एवं 4 निर्माणाधीन थे । मुकेरियां हाईडल प्रोजैक्ट की नियुक्ति के दौरान विद्युत गृह इकाई सं.1 व 2 के अंतर्गत 2 नं. में ईओटी क्रेन सफलतापूर्वक कमीशन कर दी गयी   थी ।
    • पीएसईबी ने इनकी सेवाओं को भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड में प्रदान कर दिया एवं दिनांक 1.5.1989 को सहायक विद्युत नियंत्रक (एपीसी) बीबीएमबी (वि.खण्‍ड), गंगूवाल के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया । विभिन्न पदों यथा एपीसी, एसडीओ ए व ए एवं एईई, मिस (एमआईएसएस) गंगूवाल में पदों पर कार्य करने के पश्चात कार्यालय आदेश दिनांक 22.11.1997 को इनकी पदोननति वरि. कार्यकारी अभियंता के पद पर हो  गयी। इसके पश्चात् बीबीएमबी में इन्होंने वरि. कार्यकारी अभियंता/ऑपरेशन भाखड़ा के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। वरि. कार्यकारी अभियंता के पद पर ये वरि. कार्यकारी अभियंता/ऑपरेशन, भाखड़ा, वरि. कार्यकारी अभियंता/ओ व एम, गंगूवाल, आर.ई./गंगूवाल, एएसई/ऑपरेशन, भाखड़ा, एएसई/तकनीकी, सीपीएच, नंगल एवं एएसई/मेंटी., भाखड़ा बायां किनारा विद्युत गृह के विभिन्न पदों पर कार्य किया ।
    • अधीक्षण अभियंता की पदोन्नति पर इनकी सेवायें पुन: बीबीएमबी को सौंप दी गयी एवं दिनांक 8.10.2012 (अपराह्न पश्चात् (ए.एन.) के एसई/बीपीएचसी, बीबीएमबी (वि.खण्‍ड ), नंगल के पद पर कार्यभार ग्रहण किया । इसके पश्चात् इन्हें उप मुख्य अभियंता पदनामित किया गया। अधीक्षण अभियंता/उप मुख्य अभियंता, भाखड़ा विद्युत गृह परिमंडल की पदावधि में भाखड़ा बायां किनारा की इकाई सं. 2, 4 एवं 5 का 108 एमडब्ल्यू से 126 एमडब्ल्यू तक का उन्नयन दिनांक 18.7.2013, 2.10.2013 एवं 5.8.2015 को क्रमश: कर दिया गया । इसके अतिरिक्त इकाई सं. 5 के आरएमयू के पुराने जरनेटर शाफ्ट में आ रही कई अस्वीकार्य समावेशों के चलते रोटर स्पाईडर, रिम शीटस एवं अन्य संबंधित घटकों सहित बदलने का कार्य किया और इकाई को पुन: 15.6.2018 को चालू कर दिया । भाखड़ा बायां किनारा  विद्युत गृह की इकाई सं.3 एवं भाखड़ा दायां किनारा विद्युत गृह की इकाई सं. 9 की कैपिटल मेंटीनैंस का कार्य भी किया गया ।
    • दिनांक 6.11.2018 को इनकी पदोन्नति मुख्य अभियंता पद पर पंजाब स्टेट पॉवरकारपोरेशन लिमिटेड द्वारा करदी गयी । परिणाम-स्वरूप मुख्य अभियंता/आईटी, पीएसपीसीएल, पटियाला का पद कार्यभार ग्रहण किया। उन्हें दोबारा बीबीएमबी में स्थानांतरित किया एवं दिनाक 2.1.2019 को मुख्य अभयंता/उत्पादन, बीबीएमबी (वि.खण्‍ड), नंगल का पद कार्यभार ग्रहण किया । बीबीएमबी की भाखड़ा बायां किनारा, दायां किनारा, गंगूवाल, कोटला, पोंग एवं देहर विद्युत गृह से संबंधित जल विद्युत इकाइयों के ऑपरेशन व मेंटीनैंस, कैपिटल मेंटीनैंस एवं आरएम व यू के साथ 220 केवी भाखड़ा-गंगूवाल एवं 220 केवी देहर-गंगूवाल टावर लाईन का भी कार्य देख रहे हैं ।
    • इनके द्वारा पंजाब व हरियाणा, उच्च न्यायालय में बलबीर सिंह बनाम पीएसपीसीएल एवं अन्यके अंतर्गत दायर सिविल रिट पैटिशन 22185 ऑफ 2015 दायर की गयी । जिसके दिनांक 14.9.2018 के निर्णय के आधार पर इनको पीएसपीसीएल के दिनांक 9.1.2019 के आदेश के अनुसार दिनांक 5.3.2018 से देय तिथि से (डीम्ड डेट) मुख्य अभियंता की पदोन्नति प्रदान की गयी थी ।

     

                                                   

     

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